बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और रोकथाम ANM NOTES

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बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और रोकथाम बहुत महत्वपूर्ण विषय हैं, जो एएनएम (ANM) पाठ्यक्रम में शामिल होते हैं। यहां इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जा रही है:

  1. संक्रमण (Infections):संक्रमण की प्रमुख प्रकृति: संक्रमण विषाणु, जीवाणु, कीटाणु, फंगस, और पैरासाइट जैसे जीवों द्वारा होते हैं।
    •  ये जीवाणु वातावरण से प्रवेश कर शरीर के ऊपरी या आंतरिक भागों में प्रवेश कर संक्रमण प्रसारित करते हैं।
    • संक्रमण की रोकथाम: संक्रमण की रोकथाम के लिए निम्नलिखित कदम अपनाए जाते हैं:
      • हाथ धोने का आदत स्थापित करें और साबुन या अल्कोहल-आधारित हैंड सेनिटाइजर का उपयोग करें।
      • साफ-सफाई का ध्यान रखें और संक्रमणों से बचने के लिए स्वच्छता नियमों का पालन करें।
      • वैक्सीनेशन प्राप्त करें और अन्य लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करें।
      • शुद्ध पानी पीएं, और अशुद्ध पानी से बचें।
      • संक्रमणीय व्यक्ति से संपर्क में आते समय मास्क पहनें।
  2. गैर संक्रामक रोग (Non-communicable Diseases):
    • गैर संक्रामक रोगों की प्रमुख प्रकृति: गैर संक्रामक रोगों की प्रमुख प्रकृति शामिल हैंः मानसिक तनाव, अनुशासनहीन जीवनशैली, गलत आहार-विहार, नियमित व्यायाम की कमी, तंबाकू, अल्कोहल, और जीवन के अन्य कारकों का प्रभाव।
    • गैर संक्रामक रोगों की रोकथाम: गैर संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए निम्नलिखित कदम अपनाए जाते हैं:
      • स्वस्थ आहार लें और अशुद्ध खाद्य पदार्थों से बचें।
      • नियमित व्यायाम करें और बैठने की अवधि को कम करें।
      • तंबाकू, अल्कोहल, और नशीली दवाओं का सेवन न करें।
      • मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें और तनाव कम करने के लिए सक्रिय ध्यान तकनीकें अपनाएं।

बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और रोकथाम ANM (Auxiliary Nurse Midwife) पाठ्यक्रम में विस्तार से शामिल होती हैं। यहां आपको बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और उनकी रोकथाम के बारे में जानकारी दी जा रही है:

  1. संक्रमण रोग (Infectious Diseases):
    • प्रमुख प्रकृति: संक्रामक रोगों की प्रमुख प्रकृति एक आक्रामक कीटाणु या जीवाणु के संपर्क से होती है। ये कीटाणु वायरस, बैक्टीरिया, फफोली, फफोली की सारी, और प्रोटोजोआ के रूप में हो सकते हैं।
    • रोकथाम: संक्रमण की रोकथाम के लिए हाथ धोने की सुविधा, स्वच्छता और नियमित संक्रमण रोकथाम के उपाय जैसे वैक्सीनेशन, स्वच्छता, आहार का सचेत चयन और संक्रमण फैलाने वाले जीवाणुओं से बचना शामिल है।
  2. चमड़ी के रोग (Skin Diseases):
    • प्रमुख प्रकृति: चमड़ी के रोग आमतौर पर संक्रामक, एलर्जिक या उपेक्षापूर्ण अनुज्ञान के कारण होते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख रोग हैं जैसे खुजली, दाद, खाज, चर्मरोग, और स्केबीज़।
    • रोकथाम: चमड़ी के रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता, सही हाइजीन, व्यक्तिगत सामग्री का उपयोग करना, संपर्क से बचना, और समय पर उपचार करना महत्वपूर्ण है।
  3. प्रक्षालन संक्रमण (Waterborne Diseases):
    • प्रमुख प्रकृति: प्रक्षालन संक्रमण जल संक्रमित जीवाणुओं के संपर्क से होते हैं जो जल के निर्माण के दौरान विकसित होते हैं। इनमें कोलेरा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए, डायरिया आदि शामिल होते हैं।
    • रोकथाम: प्रक्षालन संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छ और पीने के पानी का उपयोग करना, पानी को उबालना या शुद्ध करना, और स्वच्छता को प्राथमिकता देना जरूरी है।

यह संक्षेप में बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान करता है। एएनएम पाठ्यक्रम में इन विषयों पर विस्तार से पढ़ाई की जाती है और छात्रों को इन बीमारियों के प्रकार, लक्षण, निदान, उपचार, और रोकथाम के बारे में जागरूक करता है।

बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और उनकी रोकथाम विधियां स्वास्थ्य और स्वच्छता के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। नीचे विभिन्न प्रकार की बीमारियों की प्रमुख प्रकृति और उनकी रोकथाम के बारे में बताया गया है:

  1. संक्रामक बीमारियाँ (Infectious Diseases):
    • प्रकृति: संक्रामक बीमारियाँ माइक्रोबियल जीवाणुओं या विषाणुओं के कारण होती हैं। इनमें संक्रमण द्वारा फैलने वाली बीमारियाँ शामिल होती हैं। उदाहरण के रूप में, टबर्कुलोसिस, मलेरिया, डेंगू, तापेदिक, और छिपकली बुखार शामिल होते हैं।
    • रोकथाम: संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
      • हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोना।
      • खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखना और स्वच्छ औज़ारों का उपयोग करना।
      • अच्छी स्वच्छता और साफ पानी का उपयोग करना।
      • वैक्सीनेशन का उपयोग करना, जहां विशेष रूप से उपलब्ध हो।
      • जनसंख्या संशोधन और विभाजन की गुणवत्ता वृद्धि करना।
  2. अजीर्ण (Digestive Disorders):
    • प्रकृति: अजीर्ण विभिन्न कारणों से होता है जैसे कि अशुद्ध खाद्य, अनुयायी आहार और अनियमित भोजन। इसमें जीवाणुओं और आंत्र में संक्रमण भी शामिल हो सकता है।
    • रोकथाम: अजीर्ण की रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
      • स्वच्छता के साथ खाद्य पदार्थों को तैयार करें।
      • संक्रामण से बचने के लिए हाथ धोना और स्वच्छता बनाए रखना।
      • अन्य बीमारियों का नियमित इलाज करना।
      • अपरिपक्व या अशुद्ध खाद्य न खाएं और उचित तारीख के उपयोग करें।
  3. बहुतायत (Malnutrition):
    • प्रकृति: बहुतायत एक पौष्टिक आहार की कमी के कारण होती है। यह आमतौर पर पोषण के असमानता, गर्भावस्था में आहार की कमी, और गरीबी से संबंधित होती है।
    • रोकथाम: बहुतायत की रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
      • पौष्टिक आहार का सेवन करें,

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