Best Paramedical course 2023 फ़ीस,योग्यता,सैलरी,जॉब पूर्ण जानकारी

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पैरामेडिकल कोर्स क्या है?

पैरामेडिकल कोर्स शिक्षण कार्यक्रम होते हैं जो विभिन्न स्वास्थ्य सेवा सेक्टर में काम करने के लिए व्यक्तियों को प्रशिक्षित करते हैं। ये व्यावसायिक कोर्स स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की मदद करने और उन्हें विभिन्न चिकित्सा स्थलों में सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। ये पेशेवर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो मरीजों और डॉक्टरों को समर्थन और विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करते हैं।

“पैरामेडिकल” शब्द “पैरा” से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ होता है ‘साथ में’ या ‘सहायक’, इससे संदेह होता है कि ये पेशेवर चिकित्सा पेशेवरों के साथ काम करते हैं। वे डॉक्टर या नर्स नहीं होते हैं, लेकिन वे पात्र स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का सहायक होते हैं और योग्य चिकित्सा प्रदाताओं के निर्देशन में कार्य करते हैं।

कुछ सामान्य पैरामेडिकल कोर्स निम्नलिखित होते हैं:

  1. मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (एमएलटी): इसमें व्यक्तियों को प्रयोगशाला परीक्षण करने, नमूने विश्लेषण करने और बीमारियों के निदान में सहायता करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
  2. रेडियोग्राफी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी: इसमें चिकित्सा छवियाँ बनाने के लिए एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे चिकित्सा इमेजिंग उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जाता है।
  3. फिजियोथेरेपी: इसमें विकलांगता या चोट के साथ रोगियों की बेहतरी और चलने-फिरने में सहायता करने के लिए तकनीकों का अध्ययन होता है।
  4. ऑक्यूपेशनल थेरेपी: यह व्यक्तियों को दैनिक जीवन और काम के लिए आवश्यक कौशल पुनर्प्राप्त करने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
  5. ऑप्टोमेट्री: इसमें व्यक्तियों को ऑप्टोमेट्रिस्ट बनाने के लिए तकनीकी नैतिकता और दृष्टि सुधार के लिए विशेषज्ञता सिखाई जाती है।
  6. डेंटल हाइजीन: मुख ह्याइजीन, निवारक दंत चिकित्सा और दंत सफाई पर ध्यान केंद्रित किया जाता

पैरामेडिकल कोर्स क्यों करना चाहिए?

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पैरामेडिकल कोर्स करने के कई उचित कारण हो सकते हैं। नीचे कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं जो आपको पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं:

  1. सेवाभाव: पैरामेडिकल कोर्स करके आप समाज के लिए उपयोगी रूप से सेवा कर सकते हैं। यह कोर्स आपको चिकित्सा समूह में शामिल करके मरीजों को उच्च-स्तरीय सेवा प्रदान करने में मदद करता है।
  2. समृद्धि के अवसर: स्वास्थ्य सेक्टर दुनिया भर में अधिक रोजगार अवसर प्रदान करता है। पैरामेडिकल कोर्स करके आप अपने क्षेत्र में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और अधिकांश मामूली समय में रोजगार पा सकते हैं।
  3. समर्थन प्रदान करना: चिकित्सा पेशेवरों के साथ काम करने से आप मरीजों के उपचार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आपके द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायक सेवाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों को उच्च-स्तरीय उपचार प्रदान करने में मदद करती हैं।
  4. रुचि और रोज़गार का अवसर: यदि आपको मेडिकल की रुचि है, लेकिन डॉक्टर बनने के लिए लंबी पढ़ाई नहीं करनी चाहते हैं, तो पैरामेडिकल कोर्स आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकता है।
  5. कम समय के भीतर तैयारी: पैरामेडिकल कोर्स आम तौर पर कुछ ही महीनों से लेकर कुछ सालों तक का होता है, इससे आप जल्द से जल्द अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं।
  6. अनुभव का अवसर: पैरामेडिकल कोर्स करने से पहले स्वास्थ्य सेवा संबंधित क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे आपके लिए चिकित्सा समूह में करियर बनाने में मदद मिलती है।

सार्वजनिक आरोग्य पेशेवरों की महत्वपूर्ण अवधारणाओं में एक वृद्धि देखने के साथ-साथ, पैरामेडिकल कोर्स उन लोगों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए संवेदनशील हैं और मानवसेवा में अपना योगदान देने की इच्छा रखते हैं।

टॉप 10 पैरामेडिकल कोर्स

भारत में टॉप 10 पैरामेडिकल कोर्स की सूची निम्नलिखित है:

  1. मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (एमएलटी): रोगी के रक्त, मूत्र, निपुण, जल्दी या अन्य शरीर नियंत्रण तत्वों का विश्लेषण करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  2. रेडियोग्राफी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी: चिकित्सा इमेजिंग उपकरणों का उपयोग करके रोगी की विभिन्न अंगों और अंगशरीर की छवियां बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  3. फिजियोथेरेपी: विभिन्न मासिकता और शारीरिक रोगों के उपचार के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  4. ऑक्यूपेशनल थेरेपी: विकलांगता या दर्द से प्रभावित व्यक्तियों को दैनिक गतिविधियों और काम के लिए तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  5. ऑप्टोमेट्री: दृष्टि और चश्मे उपचार के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  6. डेंटल हाइजीन: मुख ह्याइजीन, दंत चिकित्सा का पूर्वदर्शन, दंत सफाई और निवारक दंत चिकित्सा के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  7. एमटी (एमर्जेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी): इमरजेंसी चिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा उपचार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  8. कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी: हृदय सम्बंधी समस्याओं के निदान और उपचार में सहायक के रूप में प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  9. ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी: सर्जिकल टीम में काम करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है जो सर्जरी के दौरान सहायक होते हैं।
  10. नेफ्रोलॉजी टेक्नोलॉजी: गुर्दे संबंधी समस्याओं के निदान और उपचार में सहायक के रूप में प्रशिक्षण प्रदान करता है।

पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए योग्यता कितनी होनी चाहिए

  1. शैक्षिक योग्यता: आमतौर पर, 10+2 या उससे समतुल्य परीक्षा पास होना आवश्यक होता है। विशिष्ट पैरामेडिकल कोर्सेज़ के लिए, विषय जैसे विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और गणित आवश्यक हो सकते हैं।
  2. उम्र सीमा: कुछ पैरामेडिकल कोर्सेज़ के लिए न्यूनतम और अधिकतम उम्र सीमा हो सकती है। इसलिए, कोर्स और संस्थान के निर्देश के अनुसार आपकी उम्र सीमा की जांच करें।
  3. देखरेख के शारीरिक योग्यता: कुछ पैरामेडिकल कोर्सेज़ में शारीरिक योग्यता के निर्धारण के लिए चेकअप किया जाता है। इसमें आंखों का दृष्टिक्षमता और शारीरिक शक्ति की जांच शामिल हो सकती है।
  4. सामान्य स्वास्थ्य और उत्तरदायित्व: कुछ पैरामेडिकल कोर्सेज़ के लिए आपकी सामान्य स्वास्थ्य और उत्तरदायित्व पर ध्यान दिया जा सकता है।

पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए योग्यता विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और कोर्स के प्रकार पर भिन्न-भिन्न हो सकती है।

पैरामेडिकल कोर्स का  फ़ीस कितना है 

पैरामेडिकल कोर्स की फीस विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और उनके प्रदाता यूनिवर्सिटीज़ पर निर्भर करती है। यह भी इसके उपकरणों और अनुषंगिक सुविधाओं के आधार पर बदलती है।

पैरामेडिकल कोर्स की फीस आम तौर पर 10,000 से 2 लाख रुपये के बीच हो सकती है। यह राज्य और नगर निगम के अनुसार भी अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा, प्रशिक्षण की अवधि, पाठ्यक्रम का स्तर, और संस्थान के प्रतिस्पर्धीता के आधार पर भी फीस में विभिन्नता हो सकती है।

फीस के अलावा, कुछ संस्थान छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं भी प्रदान करते हैं, जिनसे छात्र अपनी शैक्षिक खर्च पर भारीभरकम छूट पा सकते हैं।

छात्रों को इन पैरामेडिकल कोर्सों में दाखिला लेने से पहले अपने राज्य या क्षेत्रीय प्रशासनिक निकाय से आवश्यक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और विभिन्न संस्थानों के फीस विवरण को भी ध्यान से देखना चाहिए।

 

पैरामेडिकल कोर्स कितने साल का होता है

पैरामेडिकल कोर्स की अवधि विभिन्न प्रकार के कोर्सेज़ और उनके स्तर के अनुसार भिन्न होती है। कुछ पैरामेडिकल कोर्सेज़ के लिए कुछ हफ्तों की अवधि होती है जबकि कुछ कोर्सेज़ के लिए कुछ वर्षों तक का समय लग सकता है। नीचे कुछ प्रमुख पैरामेडिकल कोर्सेज़ और उनकी अवधि दी गई है:

  1. डिप्लोमा इन लैब टेक्नोलॉजी (डीएलटी): 2 वर्ष
  2. डिप्लोमा इन रेडियोग्राफी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी: 2 वर्ष
  3. डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी: 2 वर्ष
  4. डिप्लोमा इन ऑक्यूपेशनल थेरेपी: 2 वर्ष
  5. बैचलर ऑफ सायन्स (बीएससी) इन ऑप्टोमेट्री: 3 वर्ष
  6. डिप्लोमा इन डेंटल हाइजीन: 2 वर्ष
  7. बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) इन एमटी (एमर्जेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी): 3 वर्ष
  8. बैचलर ऑफ सायन्स (बीएससी) इन कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी: 3 वर्ष
  9. डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी: 2 वर्ष
  10. डिप्लोमा इन नेफ्रोलॉजी टेक्नोलॉजी: 2 वर्ष

यह अवधि विभिन्न विश्वविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के अनुसार भी थोड़ी बदल सकती है। कुछ अन्य विशेषज्ञता स्तर के पैरामेडिकल कोर्सेज़ भी हो सकते हैं, जिनकी अवधि अलग-अलग हो सकती है

पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद सैलरी कितना मिलेगा

पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद सैलरी विभिन्न तत्वों पर निर्भर करती है, जैसे कि आपके चयनित पैरामेडिकल कोर्स, आपके क्षेत्र के रोजगार के अवसर, आपके क्षेत्र के आर्थिक मामूली, और आपके अनुभव की स्तर। साथ ही, शिक्षा संस्थान का प्रतिस्पर्धीता, बढ़ती मांग और अन्य फैक्टर्स भी सैलरी को प्रभावित करते हैं।

इन तत्वों के चलते पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद कम से कम 15,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये प्रति माह तक की सैलरी प्राप्त करने का अवसर हो सकता है। कुछ विशेषज्ञ पैरामेडिकल कोर्सेज़, जैसे कि एमएलटी या रेडियोग्राफी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी करने के बाद, सैलरी बढ़ सकती है।

यह खेलने वाले क्षेत्र और अनुभव की मांग के साथ-साथ शहर और गांव के बीच भी भिन्न हो सकती है। कुछ छोटे शहरों और गांवों में सैलरी कम हो सकती है वहीं बड़े शहरों और महानगरों में सैलरी अधिक हो सकती है।

सैलरी को बढ़ाने के लिए आप अपने अनुभव और कौशल को भी समृद्ध कर सकते हैं, जिससे आपको अधिक वेतन के लिए मौके मिल सकते हैं। इसलिए, एक बार पैरामेडिकल कोर्स पूरा करने के बाद, आपको उचित क्षेत्र और अनुभव के साथ एक शानदार सैलरी की प्राप्ति का अवसर हो सकता है।

भारत का टॉप 10 पारा मेडिकल कॉलेज

  1. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़
  2. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
  3. जामिया हमदर्द, नई दिल्ली
  4. मद्रस मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
  5. मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली
  6. स्टैनली मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
  7. अल्ल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली
  8. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल वेंस, मुंबई
  9. क्रिस्टियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर
  10. ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई

पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए कौन सा बुक पढ़े

पैरामेडिकल कोर्स करने के लिए आपको विशेष किताबों का अध्ययन करने से लाभ हो सकता है, जो आपको परीक्षा की तैयारी में मदद कर सकती हैं। पैरामेडिकल कोर्स के लिए विभिन्न विषयों के लिए अलग-अलग किताबें उपलब्ध हो सकती हैं। नीचे कुछ प्रमुख पैरामेडिकल कोर्स और उनके विषयों के लिए कुछ सुझाए गए पुस्तकों का उल्लेख किया गया है:

  1. मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (एमएलटी):
    • Textbook of Medical Laboratory Technology by Ramnik Sood
    • Medical Laboratory Technology Methods and Interpretations by Praful B. Godkar
  2. रेडियोग्राफी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी:
    • Textbook of Radiographic Positioning and Related Anatomy by Kenneth L. Bontrager
    • Merrill’s Atlas of Radiographic Positioning and Procedures by Eugene D. Frank
  3. फिजियोथेरेपी:
    • Principles of Exercise Therapy by Dena Gardiner
    • Therapeutic Exercise: Foundations and Techniques by Carolyn Kisner
  4. ऑक्यूपेशनल थेरेपी:
    • Occupational Therapy for Physical Dysfunction by Mary Vining Radomski
    • Willard and Spackman’s Occupational Therapy by Barbara A. Boyt Schell
  5. ऑप्टोमेट्री:
    • Borish’s Clinical Refraction by William J. Benjamin
    • Optometry: Science, Techniques, and Clinical Management by Mark Rosenfield
  6. डेंटल हाइजीन:
    • Clinical Textbook of Dental Hygiene and Therapy by Suzanne Noble
    • Darby and Walsh Dental Hygiene: Theory and Practice by Denise M. Bowen
  7. एमटी (एमर्जेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी):
    • Emergency Care and Transportation of the Sick and Injured by American Academy of Orthopaedic Surgeons (AAOS)
    • Prehospital Emergency Care by Joseph J. Mistovich
  8. कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी:
    • ECGs Made Easy by Barbara J. Aehlert
    • The Complete Guide to ECGs by James H. O’Keefe Jr.

यहां दी गई पुस्तकें केवल सामान्य दर्शन के लिए हैं और प्रत्येक कोर्स के अनुसार विशेष किताबें उपलब्ध हो सकती हैं। आपके पैरामेडिकल कोर्स के प्रमुख विषयों के लिए संबंधित किताबें अपने प्रशिक्षण संस्थान या शिक्षा प्राधिकरण से पुष्टि कर सकते हैं।

 

पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद नौकरी कहां मिल सकता है

पैरामेडिकल कोर्स करने के बाद नौकरी मिलने का स्तर कोर्स के प्रकार और आपके चयनित क्षेत्र के अनुसार भिन्न होता है। पैरामेडिकल विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं में नौकरी के कुछ सामान्य विकल्प निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. राज्य सरकार और केंद्र सरकार: राज्य सरकार और केंद्र सरकार में पैरामेडिकल तकनीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, रेडियोग्राफर, लैब टेक्निशियन और अन्य पदों के लिए नौकरी के अवसर होते हैं।
  2. विशेष रोगी हस्पताल: विशेष रोगी हस्पताल और स्वास्थ्य संस्थानों में आप पैरामेडिकल तकनीशियन, डेंटल हाइजीन, आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी, ब्यूटी टेक्नीशियन, आदि के पदों के लिए नौकरी पा सकते हैं।
  3. रेडियोग्राफी और इमेजिंग सेंटर: आप रेडियोग्राफी और इमेजिंग सेंटर में टेक्नीशियन के रूप में भी नौकरी पा सकते हैं।
  4. स्वास्थ्य और जनकल्याण संस्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जनकल्याण संस्थान और निजी चिकित्सा केंद्रों में भी आप पैरामेडिकल तकनीशियन या अन्य पदों के लिए नौकरी पा सकते हैं।
  5. संबंधित उद्योग और कंपनियों में: उपयुक्त प्रशिक्षण और अनुभव के साथ, आप विभिन्न फार्मा कंपनियों, वित्तीय उपकरण कंपनियों, डायग्नोस्टिक्स कंपनियों और मेडिकल उपकरण कंपनियों में भी नौकरी पा सकते हैं।

नौकरी के लिए आवेदन करते समय अपने क्षेत्रीय स्वास्थ्य विभाग, सरकारी रोजगारी पोर्टल, चिकित्सा संस्थानों की वेबसाइटें और विभिन्न रोजगारी साइटों के लिए ध्यान से देखें। आपको नौकरी पाने के लिए उचित योग्यता, प्रशिक्षण और अनुभव रखने के साथ रिक्तियों के बारे में नियमित रूप से अधिसूचना की जांच करनी चाहिए।

 

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